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ChatGPT, Gemini को टक्कर दे रहा भारत का Sarvam AI

Sarvam AI: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा अब केवल विदेशी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। जहां एक ओर OpenAI का ChatGPT और Google का Gemini वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हैं, वहीं अब भारत में एक स्वदेशी नाम तेजी से उभर रहा है – Sarvam AI। यह कंपनी न केवल भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरतों पर केंद्रित है, बल्कि “Sovereign AI” यानी सॉवरेन AI के विचार को आगे बढ़ा रही है।

Sarvam AI का उद्देश्य है कि भारत में बना AI, भारत की जरूरतों के अनुसार विकसित हो और भारत के ही नियंत्रण में रहे। यही वजह है कि कंपनी का विजन है – “AI for All from India” और टैगलाइन है – AI for all from India. Built on sovereign compute.

Sarvam AI की स्थापना

Sarvam AI की स्थापना अगस्त 2023 में बेंगलुरु में हुई। बहुत कम समय में इस स्टार्टअप ने AI क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली है। इसका मुख्य फोकस है – भारत जैसे विविध और बहुभाषी देश के लिए AI को सुलभ और उपयोगी बनाना।

कंपनी का मानना है कि भारत में 1.45 बिलियन लोगों के लिए AI को केवल अंग्रेज़ी आधारित चैटबॉट तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यहां सैकड़ों भाषाएं और बोलियां हैं, ग्रामीण-शहरी डिजिटल गैप है, और नेटवर्क की सीमाएं भी हैं। इसलिए Sarvam AI का लक्ष्य है ऐसा AI तैयार करना जो कम नेटवर्क में भी काम करे, भारतीय भाषाओं को समझे और सरकारी तथा एंटरप्राइज जरूरतों को पूरा करे।

India AI Impact Summit 2026 में कंपनी ने अपने नए मॉडल्स लॉन्च किए, जिससे इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

Sarvam AI के फाउंडर्स

डॉ. विवेक राघवन भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वे UIDAI और आधार जैसी परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी लागू करने और करोड़ों लोगों तक सेवाएं पहुंचाने का उनका अनुभव Sarvam AI की रणनीति में साफ दिखाई देता है।

डॉ. प्रत्युष कुमार भारतीय भाषाओं के लिए ओपन-सोर्स AI में अग्रणी रहे हैं। वे IIT Madras के AI4Bharat प्रोजेक्ट से जुड़े थे, जहां इंडिक भाषाओं के लिए बड़े पैमाने पर AI रिसर्च हुआ। दोनों फाउंडर्स का साझा लक्ष्य है – भारत के लिए, भारत में और भारत के नियंत्रण में AI बनाना।

ChatGPT और Gemini से अलग कैसे?

जब भी किसी नई AI कंपनी की चर्चा होती है, तो तुलना ChatGPT या Gemini से की जाती है। लेकिन Sarvam AI का लक्ष्य एक विशाल जनरल-पर्पस चैटबॉट बनाना नहीं है।

  • यह खास उपयोग मामलों (Use Cases) पर फोकस करता है।
  • सरकारी दस्तावेजों की समझ (Document Understanding)
  • भारतीय भाषाओं में अनुवाद और प्रोसेसिंग
  • कम इंटरनेट स्पीड में बेहतर प्रदर्शन
  • एंटरप्राइज और गवर्नमेंट के लिए सुरक्षित AI

Sarvam का मॉडल लगभग 3 बिलियन पैरामीटर्स पर आधारित है। इसे भारत-केंद्रित उपयोग के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है। इसका मतलब है कि यह ग्रामीण भारत, सरकारी संस्थानों और लोकल एंटरप्राइज के लिए ज्यादा उपयोगी है, बजाय केवल ग्लोबल चैटबॉट प्रतियोगिता में शामिल होने के।

सरकार और एंटरप्राइज के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

Sarvam AI का सबसे बड़ा लाभ है – डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty)।

भारत में सरकारी डेटा और नागरिकों की जानकारी बेहद संवेदनशील होती है। विदेशी सर्वर्स पर डेटा प्रोसेस करने को लेकर हमेशा चिंता रहती है। Sarvam AI भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित “सॉवरेन कंप्यूट” का उपयोग करता है।

मार्च 2025 में UIDAI ने आधार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए Sarvam AI के साथ साझेदारी की। इससे यह स्पष्ट हो गया कि सरकार इस स्वदेशी AI समाधान पर भरोसा कर रही है।

सरकारी दस्तावेजों को डिजिटाइज करना, क्षेत्रीय भाषाओं में सेवाएं देना और सुरक्षित डेटा प्रोसेसिंग – ये सभी क्षेत्र Sarvam AI के लिए बड़े अवसर हैं। सिर्फ ₹809 EMI में घर लाएं Redmi Note 15 5G स्मार्टफोन – शानदार ऑफर!

Sarvam AI के प्रोडक्ट्स और उपयोग

Sarvam AI को उपयोग करने के कई तरीके हैं:

ऑफिशियल वेबसाइट: www.sarvam.ai
डैशबोर्ड: dashboard.sarvam.ai
Indus चैटबॉट: indus.sarvam.ai (बीटा वर्जन)
API सेवाएं: TTS (Text-to-Speech), ASR (Automatic Speech Recognition), LLM आदि
Hugging Face पर मॉडल्स: रिसर्च और नॉन-कमर्शियल उपयोग के लिए उपलब्ध

Indus चैटबॉट खास तौर पर भारतीय भाषाओं पर केंद्रित है। यह वॉइस-फर्स्ट AI अनुभव देने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे कम पढ़े-लिखे या ग्रामीण उपयोगकर्ता भी आसानी से AI का लाभ उठा सकें।

चुनौतियां और आलोचनाएं

हर नई टेक्नोलॉजी की तरह Sarvam AI को भी शुरुआती दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

  • बड़े और जटिल इनपुट्स पर मॉडल का ब्रेकडाउन
  • स्केलिंग की समस्याएं
  • बड़े ग्लोबल मॉडल्स के मुकाबले सीमित संसाधन

हालांकि 2026 में कंपनी ने अपने मॉडल्स को अपग्रेड किया और बड़े पैरामीटर मॉडल्स लॉन्च किए, जिससे प्रदर्शन में सुधार हुआ।

भविष्य की दिशा: मल्टीमॉडल और ग्लोबल विस्तार

Sarvam AI अब केवल टेक्स्ट आधारित AI तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी की योजना है:

  • मल्टीमॉडल AI (इमेज + वॉइस + टेक्स्ट)
  • वॉइस-फर्स्ट AI मॉडल्स
  • पॉपुलेशन-स्केल इंपैक्ट (1.45 बिलियन भारतीयों तक पहुंच)
  • एशिया और अन्य देशों में विस्तार

Sarvam का लक्ष्य है भारत को AI में “Third Track” बनाना – यानी अमेरिका और चीन के अलावा एक मजबूत AI शक्ति के रूप में उभरना।

Sarvam AI: भारत की AI महत्वाकांक्षा का चेहरा

आज AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा बहुत तेज है। लेकिन Sarvam AI का फोकस अलग है – लोकल जरूरतें, भारतीय भाषाएं और डेटा संप्रभुता।

यह केवल एक टेक स्टार्टअप नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

अगर आप एक AI डेवलपर हैं, सरकारी अधिकारी हैं, या एक भारतीय यूजर हैं जो अपनी भाषा में AI का अनुभव लेना चाहते हैं, तो indus.sarvam.ai पर जरूर ट्राई करें।

कुल मिलाकर, Sarvam AI भारत की AI महत्वाकांक्षा का प्रतीक है – जहां लोकल सोच के साथ ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा की जा रही है। आने वाले वर्षों में यह कंपनी भारत को AI के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है।

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