Apple Pay: भारत में डिजिटल पेमेंट का बाजार पिछले कुछ वर्षों में बेहद तेज़ी से बढ़ा है। आज देश में PhonePe, Google Pay, Amazon Pay, BHIM UPI और Paytm जैसे प्लेटफॉर्म ऑनलाइन लेनदेन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन अब इस तेजी से बढ़ते बाजार में एक और बड़ा नाम शामिल होने जा रहा है — Apple।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस Apple Pay लॉन्च करने की तैयारी में है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो कंपनी 2026 के मध्य, यानी जून-जुलाई 2026 के आसपास, भारत में Apple Pay को पेश कर सकती है। यह खबर खासतौर पर iPhone यूजर्स के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
कब लॉन्च होगा Apple Pay?
हालांकि Apple की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी 2026 के मध्य तक भारत में इस सेवा को शुरू करने की योजना बना रही है।
भारत आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। ऐसे में Apple के लिए यह एक बड़ा और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

किन बैंकों से चल रही है बातचीत?
रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple भारत के प्रमुख निजी बैंकों — ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank — के साथ बातचीत कर रही है।
इन बैंकों के साथ साझेदारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Apple Pay यूजर्स को क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और अन्य बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से सहज भुगतान सुविधा मिल सके।
साथ ही, कंपनी वैश्विक कार्ड नेटवर्क जैसे Visa और Mastercard से भी संपर्क में है ताकि इंटरनेशनल कार्ड पेमेंट में कोई बाधा न आए।
क्या UPI को सपोर्ट करेगा Apple Pay?
भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा आधार UPI है, जिसे National Payments Corporation of India द्वारा संचालित किया जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple Pay भारत में UPI को सपोर्ट करेगा। इसका मतलब है कि iPhone यूजर्स QR कोड स्कैन करके या मोबाइल नंबर/UPI आईडी के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
हालांकि शुरुआत में Apple थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर से सीधे UPI इंटीग्रेशन की मंजूरी नहीं लेगा। कंपनी फिलहाल कार्ड कंपनियों के साथ फीस स्ट्रक्चर को लेकर चर्चा कर रही है।
यदि Apple Pay को UPI सपोर्ट मिलता है, तो यह सीधे तौर पर PhonePe, Google Pay और BHIM UPI जैसे प्लेटफॉर्म के लिए एक मजबूत प्रतियोगी बन सकता है।
भारत में लॉन्च की प्रमुख वजह
भारत में पिछले कुछ वर्षों में iPhone यूजर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। Apple ने भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग शुरू की है, जिससे iPhones की कीमतों में कुछ हद तक कमी आई है और मध्यम वर्ग के बीच इसकी पहुंच बढ़ी है।
इसके अलावा, Apple अब केवल हार्डवेयर कंपनी नहीं रह गई है। कंपनी फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका में कंपनी Apple Card और Apple Cash जैसी सेवाएं पहले से ही प्रदान कर रही है।
भारत में Apple Pay लॉन्च करना कंपनी की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
NFC और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को बढ़ावा
Apple Pay का एक बड़ा फायदा यह है कि यह NFC (Near Field Communication) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इससे यूजर्स सिर्फ अपने iPhone या Apple Watch को पेमेंट टर्मिनल के पास ले जाकर भुगतान कर सकते हैं।
यदि भारत में Apple Pay का विस्तार होता है, तो देश में NFC टर्मिनल्स की संख्या बढ़ सकती है। इससे मर्चेंट्स को भी आधुनिक और सुरक्षित पेमेंट सिस्टम अपनाने में मदद मिलेगी।
यह कदम भारत में कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को और अधिक लोकप्रिय बना सकता है।
प्रतिस्पर्धा पर क्या होगा असर?
Apple Pay के आने से भारतीय डिजिटल पेमेंट बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो जाएगी। अभी तक UPI आधारित प्लेटफॉर्म्स का दबदबा है, लेकिन Apple की ब्रांड वैल्यू और प्रीमियम यूजर बेस इसे अलग पहचान दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि Apple Pay मुख्य रूप से प्रीमियम सेगमेंट को टारगेट करेगा, यानी वे ग्राहक जो iPhone इस्तेमाल करते हैं और सुरक्षित, तेज और इंटरनेशनल स्तर की पेमेंट सुविधा चाहते हैं।
Apple Pay के लॉन्च की खबर के बाद कुछ फिनटेक कंपनियों के शेयरों में हल्की गिरावट भी देखी गई है, क्योंकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है।

भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट का भविष्य
अनुमानों के अनुसार, भारत का डिजिटल पेमेंट मार्केट 2034 तक लगभग 33.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इस विशाल बाजार में Apple Pay अपनी हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश करेगा।
भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह QR कोड और ऑनलाइन पेमेंट का चलन बढ़ चुका है। ऐसे में Apple के लिए यह सही समय माना जा रहा है।
Apple Pay: वैश्विक अनुभव
Apple Pay कोई नई सेवा नहीं है। इसे 2014 में अमेरिका में लॉन्च किया गया था। आज यह सेवा दुनिया के 89 से अधिक देशों में उपलब्ध है और 11,000 से ज्यादा बैंक इससे जुड़े हुए हैं।
इसका मतलब है कि Apple के पास इस क्षेत्र में लंबा अनुभव है, जिसे वह भारतीय बाजार में भी लागू कर सकता है।
निष्कर्ष
भारत में Apple Pay की संभावित एंट्री डिजिटल पेमेंट सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इससे न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि यूजर्स को अधिक विकल्प और बेहतर सेवाएं भी मिलेंगी।
PhonePe, Google Pay, BHIM UPI और Amazon Pay जैसे प्लेटफॉर्म्स को अब एक नए और मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ सकता है।
यदि Apple UPI सपोर्ट, बैंकिंग साझेदारी और सुरक्षित ट्रांजैक्शन अनुभव को सफलतापूर्वक लागू कर पाता है, तो आने वाले वर्षों में भारत के डिजिटल पेमेंट बाजार में उसकी मजबूत मौजूदगी देखी जा सकती है।
कुल मिलाकर, 2026 का मध्य भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम के लिए एक नया अध्याय खोल सकता है, जहां Apple Pay एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


